राजस्थान इंदिरा रसोई योजना 2020 Indira Rasoi Provide Meal For Poor People

राजस्थान इंदिरा रसोई योजना 2020 Indira Rasoi Provide Meal For Poor People:- राजस्थान सरकार की ओर से शुरू हुए कोविड -19 विशेष जन जागरूकता (covid-19 awareness program) के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) ने जहां सख्त फैसले लेने के संकेत दिए हैं। वहीं इसके साथ ही उन्होंने इंदिरा रसोई योजना को शुरू करने की घोषणा कर प्रदेश के गरीब तबके की खास सौगात दी है। लेकिन इस योजना के साथ ही प्रदेश की सियासत में नया रंग देखने को मिलने लगा है। जहां एक ओर गहलोत ने इंदिरा रसोई योजना के तहत प्रति वर्ष 100 करोड खर्च करने के लिए कहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस पर कटाक्ष कर दिया है।

Rajsthan Government is going to start Indira Rasoi Yojana to ensure that no person sleeps hungry (Koi Bhukha Naa Soye) in the state. CM Ashok Gehlot on 22 June 2020 announced that meals twice a day will soon be made available to the poor people at low rates. The state govt. will spend Rs. 100 crore per annum for this Indira Rasoi Scheme. Moreover, govt. will make use of the Information Technology to effectively monitor this scheme.

It is an upgraded version of the previously running Annapurna Rasoi Yojana in Rajasthan. In this scheme, the state govt. will ensure that all the needy and hungry people will get hygienic and nutritious food. The Rajasthan govt. will take the help of Local Non Governmental Organizations (NGOs) in इंदिरा रसोई योजना implementation.

इंदिरा रसोई योजना

राजस्थान सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों, रिक्शावालों, ठेलेवालों, ऑटोवालों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, कामकाजी महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य असहायों, जरूरतमंद व्यक्तियों को ध्यान में रखकर उनकी सेहत के लिए इंदिरा रसोई योजना की शुरूआत की है।

 इंदिरा रसोई योजना
इंदिरा रसोई योजना

इस योजना का शुभारम्भ माननीया मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत द्वारा जून २०२० को किया गया है। इस योजना में इंदिरा वैन के माध्यम से मात्र रु 5 में नाश्ता तथा मात्र रु 8 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।योजना के दूसरे चरण में 191 शहरों में 500 इंदिरा रसोई वैनों के माध्यम से नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा

पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के कार्यकाल में शहरों में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करवाने के लिए अन्नपूर्णा रसोई योजना शुरू की गई थी. अन्नपूर्णा वैन के जरिए जरूरतमंदों को आठ रुपए में भोजन उपलब्ध करवाया जाता था. प्रदेश के 200 शहरों में अन्नपूर्णा वैन शुरू की गई थी. इस योजना का काम एनजीओ को दिया गया था. अब अन्नपूर्णा रसोई की जगह कांग्रेस सरकार इंदिरा रसोई योजना शुरू करने जा रही है.

Indira Rasoi के लाभ

  • इंदिरा रसोई योजना का लाभ राजस्थान के गरीब लोगों को मिलेगा।
  • योजना के जरिए राज्य के सभी गरीब और जरुरतमंद लोगो को भरपेट खाना मिलेगा।
  • लोगों को शुद्ध पौष्टिक भोजन रियायती दर से उपलब्ध कराया जाएगा।
  • योजना के माध्यम से लोगों को दो वक्त का खाना और नाश्ता उपलव्ध होगा।
  • लोगों को योजना का लाभ उपलव्ध करवाने के लिए नगर पालिका क्षेत्र में 02, नगर परिषद क्षेत्र में 05 और नगर निगम क्षेत्रों 08 रसोई घर की स्थापना की गई है, जहां पर भारी संख्या में लोग भोजन कर सकते हैं ।
  • भोजन के उपरांत भुगतान राशी को काफी कम रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थी योजना का लाभ ले सकें।      
  • योजना के लिए राजस्थान सरकार ने 100 करोड रुपये खर्च किए हैं। 
  • योजना के माध्यम से कोई भी लाभार्थी भुखा नहीं सोएगा।  

इंदिरा रसोई उद्देश्य

इस योजना का मकसद जरूरतमंद लोगों को दो समय का शुद्ध पौष्टिक भोजन रियायती दर से उपलब्ध कराया जाना है. योजना के संचालन में स्थानीय गैर सरकारी संगठनों (NGO) की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की सहायता से प्रभावी तरीके से निगरानी होगी. सीएम गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से राज्य स्तरीय कोविड-19 (COVID-19) जागरूकता अभियान की शुरूआत को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी (Pandemic Coronavirus) अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए सभी को आत्म अनुशासन और संयम बरतते हुए आपस में दो गज की दूरी, मास्क पहनने, नियमित अंतराल पर हाथ धोने और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकने के मूल मंत्र का लगातार पालन करना होगा.

श्री गहलोत ने कहा कि जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर जिम्मेदार बनाना है। हमारी छोटी सी भी भूल इस समस्या को बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों सहित आमजन से अभियान को जन-अभियान बनाने की अपील की।

Indira Rasoi low Prize Meal For Poor

In December 2016, former CM Vasundhara Raje had launched Annapurna Rasoi Yojana. It was a subsidised meal scheme offering breakfast for Rs. 5 and lunch for Rs. 8 on the lines of Amma Canteens of Tamil Nadu. The scheme was aimed to benefit labourers, rickshaw pullers, auto-rickshaw drivers, students, working women, senior citizens among others. Now the state govt. of Rajasthan will start Indira Rasoi Yojana as an updated version of the previous Annapoorna Rasoi Scheme.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि हम सभी सोशल डिस्टेंसिंग के प्रोटोकॉल की पालना करें। उन्होंने कहा कि हमें लॉकडाउन से राहत मिली है लेकिन कोरोना का खतरा अभी बरकरार है। ऎसे में अनलॉक-1 के दौरान हमें ज्यादा सावधानी बरतनी होगी।

पात्रता

  • राजस्थान का निवासी होना चाहिए।
  • ये योजना गरीबों के लिए है।
  • कोरोना के चलते जरूरतमंदों और जिनकी नौकरी चली गयी है उनके लिए है

गहलोत ने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी रखना आवश्यक है। किसी तरह की लापरवाही समस्या को और नहीं बढ़ाए इसी उद्देश्य से प्रदेश भर में दस दिवसीय यह जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत आमजन को कोरोना से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। गांव-ढाणी तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि खुद के स्वास्थ्य का खुद ख्याल रखना ही कोरोना से बचने का मुख्य उपाय है। हमारा लक्ष्य है कि रिकवरी रेट बढ़ती रहे, मृत्यु दर घटती रहे। इंदिरा रसोई योजना गरीबों के लिए सुरु की गयी एक योजना है जिसके तहत उनको तीन बकत का खाना दिया जायेगा।

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